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डाक्टरों के एंट्रेस पेपर में सीबीआई की रेड, पकड़े गए मुन्ना भाई और बहन

November 12, 2012

चंडीगढ़।पीजीआई का एंट्रेस पेपर देते हुए सीबीआई ने रेड कर अलग अलग जगह से कई छात्रों को पकड़ा है। यह सभी पेपर में चीटिंग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार सीबीआई को किसी अज्ञात ने मेल कर सूचना दी थी कि पीजीआई की एंट्रेंस के लिए हो रहे पेपर में छात्र नकल मार रहे है। जिसके सीबीआई ने अलग अलग जगह पर रेड की और छात्रों को पकड़ लिया। यह सभी छात्र कान में ब्ल्यू टूथ के जरिए हैड्स फ्री लगाकर चीटिंग कर रहे थे।

सीबीआई ने डीएवी 8, गुरु नानक स्कूल सेक्टर 36, शिवालिक स्कूल सेक्टर 41 में रेड की और कई जगह पर रेड करने के लिए टीमें भेज दी है। फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि कितने छात्र पकड़े गए है। इन सभी छात्रों में कुछ लड़कियां भी है। वहीं दूसरी तरफ अपने बच्चों को लेकर आए हुए पेरेंट्स को इस रेड से परेशानी का सामना करना पड़ा। पेपर खत्म होने के करीब एक घंटे बाद तक छात्रों को हॉल से बाहर नहीं आने दिया गया। जिसकी वजह से स्कूल के बाहर खड़े पेरेंट्स परेशान व नाराज दिखे।

PICS:डाक्टरों के एंट्रेस पेपर में सीबीआई की रेड, पकड़े गए मुन्ना भाई और बहन

PICS:डाक्टरों के एंट्रेस पेपर में सीबीआई की रेड, पकड़े गए मुन्ना भाई और बहन

PICS:डाक्टरों के एंट्रेस पेपर में सीबीआई की रेड, पकड़े गए मुन्ना भाई और बहन

काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

 पीजीआई में एमडी और एमएस के एंट्रेस टेस्ट में ब्लूटुथ, मोबाइल और बटन कैमरे के जरिए नकल करते हुए पकड़े गए 15 आरोपियों को अदालत ने 15 नवंबर तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। रविवार शाम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के घर पेश किया।

सीबीआई ने सभी 15 आरोपियों से पूछताछ के लिए 14 दिन के सीबीआई रिमांड की जिस पर मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को 15 नवंबर तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया।

इस पूरे गिरोह का सरगना गुरवीर रेड्डी भी पेश किया गया। सीबीआई के मुताबिक सभी आरोपी आंध्रप्रदेश के रहने वाले हैं। वे कडप्पउरनेलू के रहने वाले हैं।

सीबीआई के सरकारी वकील पीके डोगरा ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान इस पैरे रैकेट का मास्टर माइंड कौन है। उम्मीदवारों के सही नाम क्या हैं। साथ ही यह भी पता लगाना है कि यह रैकेट कहां से चल रहा था। इस तरह की हाईटेक नकल करवाने के लिए कितने पैसे दिए गए।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इन आरोपियों में एक युवती तो मैट्रिकुलेट बताई गई है, जो पेपर में बैठे उम्मीदवारों की तकनीकी मदद कर रही थी। इन आरोपियों ने लगभग 20 उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाना था।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

सीबीआई ने शनिवार को पीजीआई के एमडी एंड एमएस एंट्रेंस टेस्ट में हाईटेक तरीके से नकल करते हुए 7 लेडी डॉक्टर्स को गिरफ्तार किया

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

पेपर शुरू होने के कुछ ही देर बाद सीबीआई की एक टीम ने चार सेंटरों पर रेड कर इन डॉक्टर्स को पकड़ा।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

वहीं, दूसरी टीम ने इन्हें नकल करा रहे गिरोह के सरगना गुरी वी. रेड्डी समेत 7 एजेंट्स को चंडीगढ़ के तीन होटलों से दबोचा।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

जबकि पटना और हैदराबाद से दो प्रोफेसरों को गिरफ्तार किया गया है। इन डॉक्टर्स ने नकल के लिए स्पेशल सूट सिलवाया था, जिसमें माइक्रो ब्लूटूथ, स्पाई कैम आदि छिपा रखे थे।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

कल के औजार सीबीआई को इनके कब्जे से 7 माइक्रो ब्लूटूथ, स्पेशल सूट, सिम काड्र्स, बटनहोल स्पाई कैमरा, टैबलेट कम्प्यूटर, मेडिकल किताबें, वायरलेस ईयर प्लग और 14 मोबाइल फोन मिले हैं।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

कौन कहां से पकड़ा गया डीएवी स्कूल, सेक्टर-15 से नमृता और पिल्लै नम्रता गुरु हरि कृष्ण सी. सेकंडरी स्कूल, सेक्टर-35 जी.पद्मजा, जी. शाहजहां और जे.अरुणा सेंट जॉन्स, सेक्टर-44 से मिताली शिवालिक पब्लिक स्कूल, सेक्टर-41 से रुचि.

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

कैसे की नकल: पेपर शुरू होने के बाद कैंडीडेट्स ने स्पेशल सूट की बटन पर लगे स्पाई कैम से क्वेश्चन पेपर की तस्वीर उतारी और माइक्रो ब्लूटूथ के जरिए होटलों में बैठे एजेंट्स को भेज दी। होटल में बैठे एजेंट्स ने पटना और हैदराबाद में बैठे प्रोफेसर्स से जवाब हासिल किया और इसे फोन पर कैंडिडेट्स को बताया, जो वायरलेस ईयर प्लग पर सब सुनते रहे। आरोपी के कान में घुसी चिप: पीजीआई भर्ती रेड के दौरान एक लड़की ने बचने के लिए कान के अंदर लगी माइक्रो चिप को अंदर की तरफ धकेला, लेकिन चिप कान के ज्यादा अंदर चली गई।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

सीबीआई टीम उसे पीजीआई ले गई। माइनर ऑपरेशन करके चिप निकाली गई।

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स्पेशल सूट सीबीआई सूत्रों के अनुसार नकल के लिए रेड्डी ने जो स्पेशल सूट तैयार करवाया था, उसमें सिलाई के दौरान ही डिवाइसेज फिट किए गए थे। सूट के ऊपरी बटन के अंदर बटनहोल स्पाई कैमरा, कंधों के पास वायरलेस ईयर प्लग और ब्लूटूथ डिवाइस लगाए गए थे। 20 लाख का नकल का सामान, 5 लाख का पेपर इस पूरे नकल नेटवर्क के सरगना गुरी वी. रेड्डी ने पकड़े गए दो प्रोफेसरों को 50 हजार से 1 लाख रुपये में तैयार किया था। वहीं, हर कैंडीडेट से 5 लाख रुपये लिए थे। रेड्डी खुद एमबीबीएस का छात्र रहा है। 2009 में भी उसने हैदराबाद में इसी तरीके से नकल कराई थी। हैदराबाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। रेड्डी ने सीबीआई को पूछताछ में बताया कि नकल के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला सारा सामान उसने करीब 20 लाख रुपये में खरीदा था।

PICS:काम किया मुन्‍ना भाई सा पकड़ी गई तो खुले खौफनाक राज

सीबीआई को थी खबर: पीजीआई के एंट्रेंस एग्जाम में इस तरह से नकल होने वाली इसकी खबर सीबीआई को पहले से थी। चर्चा है कि किसी ने ई-मेल के जरिये सीबीआई को इन डॉक्टर्स के नाम, रोल नंबर, सेंटर, कपड़ों के रंग तक की जानकारी दे दी थी। नकल कराने वाले किन होटलों में रुकेंगे इसकी जानकारी भी दी गई थी। इसी के आधार पर सीबीआई ने इस नकल का पर्दाफाश कर दिया। “हमें सुबह पेपर में नकल होने का क्लू मिला था। हमने चंडीगढ़ पुलिस को इसकी इत्तला दी। हालांकि इससे पहले ही सीबीआई ने कार्रवाई कर नकल मारने वालों का पकड़ा। इस पेपर में कुल 7000 कैंडिडेट्स बैठे थे।” -मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई

 

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